Showing posts with label खट्टा-मीठा-कड़वा एहसास. Show all posts
Showing posts with label खट्टा-मीठा-कड़वा एहसास. Show all posts

Saturday, 10 September 2011

कौन हो तुम, कहाँ हो तुम, मैं जानूँ ना...




कौन हो तुम, कहाँ हो तुम 
मैं जानूँ ना...

नहीं हो तुम, ना आओगे कभी
 ये मानूँ ना...

प्यार है नाम तुम्हारा
बस इतना ही तुम्हें जाना
और है यही सुना...

जोड़ कर और घटा कर
एक एक खट्टा-मीठा-कड़वा एहसास,
आखिर एक सपना सा है बुना...

बसी तो है एक तस्वीर मेरे मन में
पर कैसे दिखते हो तुम ये जानूँ ना...
रूठ कर लौट ना जाना जानेजाना
अब अगर मैं पहचानूँ ना…

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...