मृग मरीचिका
दिल ही तो है… भागता ही रहता है… :)
Tuesday, 4 March 2014
मैं नहीं इस दुनिया की...
चलो माना मेरे दिल, मैं नहीं इस दुनिया की…
पर ये पूरी दुनिया तो अपनी है, हनी… <3
ज़रूरी नहीं मैं मानूँ एक एक बात इसकी…
पर अपनी बातें तो मनवानी है न एक एक कर सभी… :)
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)